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लखनऊ में वेबसाइट डेवलपमेंट — कस्टम कोडिंग, 8–10 दिन में लाइव

वेबसाइट डेवलपमेंट (Website Development) का मतलब है आपके बिज़नेस के लिए ऐसी वेबसाइट बनाना जो फ़ोन पर तेज़ खुले, Google पर आपके इलाके की खोज में दिखे और ग्राहक को सीधे WhatsApp या कॉल तक ले आए।

ज़रूरी जानकारी

बनावट
कस्टम कोडिंग, कोई टेम्पलेट नहीं
लाइव
सारी जानकारी मिलने के 8–10 दिन में
शामिल
SEO की बुनियाद, WhatsApp, नक्शा, फ़ॉर्म, SSL
भाषा
हिंदी, अंग्रेज़ी या दोनों
कीमत
WhatsApp पर कोटेशन

विकास नगर, लखनऊ का हमारा स्टूडियो हर वेबसाइट कस्टम कोडिंग से बनाता है, किसी रेडीमेड टेम्पलेट पर नहीं। लोगो, टेक्स्ट, फ़ोटो और बाकी सारी जानकारी मिलने के 8–10 दिन में वेबसाइट लाइव हो जाती है। कीमत किसी रेट-लिस्ट से नहीं, WhatsApp पर कोटेशन से तय होती है।

वेबसाइट और ऐप बनाना हमारे स्टूडियो की नई सेवा है — उसी स्टूडियो की, जो 2022 से 2,500+ कंपनियों की डायरी, कैलेंडर और स्टेशनरी डिज़ाइन कर रहा है। अंग्रेज़ी में यही जानकारी English पेज पर है।

कस्टम कोडिंग का मतलब क्या है — और टेम्पलेट से फ़र्क़

लखनऊ की ज़्यादातर छोटी बिज़नेस वेबसाइटें किसी रेडीमेड थीम पर बनी होती हैं: डिज़ाइन पहले से तय, बस नाम और फ़ोटो बदल दिए गए। पीछे कई प्लग-इन चलते हैं जिन्हें बार-बार अपडेट करना पड़ता है, और 4G पर धीरे खुलने वाले पेज से ग्राहक कुछ ही सेकंड में लौट जाता है।

कस्टम कोडिंग में वेबसाइट सिर्फ़ आपके बिज़नेस के लिए लिखी जाती है। पेजों का क्रम इस बात से तय होता है कि आपका ग्राहक फ़ैसला कैसे लेता है — पहले दाम देखता है, भरोसा परखता है या रास्ता पूछता है। कोड हल्का रहता है, इसलिए पेज जल्दी खुलते हैं और प्लग-इन का झंझट नहीं रहता। वर्डप्रेस, विक्स या किसी पेज-बिल्डर टेम्पलेट का इस्तेमाल हम नहीं करते। आप जो वेबसाइट अभी पढ़ रहे हैं, वह इसी तरीके से बनी है, और rxdesignhub.com भी।

कस्टम काम की एक शर्त है: टेक्स्ट, फ़ोटो, सूची और लोगो आपकी तरफ़ से पहले आने चाहिए। इसीलिए 8–10 दिन की गिनती उसी दिन से शुरू होती है जिस दिन ये सब पूरे मिल जाते हैं।

किस बिज़नेस की वेबसाइट में कौन-से पेज चाहिए?

कोटेशन का बड़ा हिस्सा पेजों की सूची से तय होता है। होम, संपर्क और ‘हमारे बारे में’ हर वेबसाइट में रहते हैं; असली फ़र्क़ आपके काम से आता है।

बिज़नेस के हिसाब से ज़रूरी पेज और सबसे अहम बात
बिज़नेसज़रूरी पेजसबसे ज़्यादा ध्यान किस पर
स्कूल और कॉलेजएडमिशन, फ़ीस स्ट्रक्चर, नोटिस, रिज़ल्ट, गैलरीएडमिशन की तारीख़ और ताज़ा नोटिस पहली स्क्रीन पर
अस्पताल और क्लिनिकडॉक्टर प्रोफ़ाइल, विभाग, OPD समय, अपॉइंटमेंट अनुरोधमरीज़ जल्दी में होता है — समय, नंबर और रास्ता सबसे ऊपर
बिल्डर और ब्रोकरप्रोजेक्ट पेज, फ़्लोर प्लान, RERA विवरण, साइट-विज़िट बुकिंगहर प्रोजेक्ट का अलग पेज, ताकि WhatsApp पर सीधा लिंक जाए
दुकान, शोरूम, बुटीककैटेगरी-वार कैटलॉग, नया स्टॉक, WhatsApp ऑर्डर, पता और समयफ़ोटो साफ़ पर हल्की, ताकि कैटलॉग फ़ोन पर बिना रुके खुले
फ़ैक्ट्री और निर्माताप्रोडक्ट कैटलॉग, क्षमता, सर्टिफ़िकेट, डीलरशिप पूछताछदूसरे शहरों के खरीदार वेबसाइट देखकर ही कॉल करते हैं
डीलर और डिस्ट्रीब्यूटरब्रांड सूची, सप्लाई के इलाके, रिटेलर ऑर्डर फ़ॉर्महिंदी पेज ज़रूरी — आसपास के ज़िलों के रिटेलर हिंदी पढ़ते हैं

आपका काम इन छह में न आता हो तो ब्रीफ़ में बस इतना बताइए कि ग्राहक फ़ोन पर सबसे पहले क्या पूछता है — पेजों की सूची वहीं से बनती है।

हर वेबसाइट में क्या शामिल रहता है

ये अलग से जुड़ने वाली सुविधाएँ नहीं हैं; हर कोटेशन में पहले से गिनी जाती हैं।

  • मोबाइल-फ़र्स्ट डिज़ाइन — पहले छोटी स्क्रीन वाले फ़ोन के लिए, फिर लैपटॉप के लिए
  • तेज़ लोडिंग: हल्का कोड, कंप्रेस की हुई फ़ोटो, वेबसाइट के साथ रखे फ़ॉन्ट
  • SEO की बुनियाद: पेज टाइटल, मेटा डिस्क्रिप्शन, साफ़ URL, हेडिंग का क्रम, alt टेक्स्ट, XML साइटमैप, robots.txt
  • स्ट्रक्चर्ड डेटा (schema.org) — पता, समय, FAQ और ब्रेडक्रम्ब, ताकि Google इन्हें खोज नतीजों में दिखा सके
  • WhatsApp चैट बटन, एक टैप में कॉल, Google Maps और ऐसा पूछताछ फ़ॉर्म जो सीधे आपके WhatsApp या ईमेल पर पहुँचे
  • Open Graph प्रीव्यू — WhatsApp पर लिंक भेजें तो आपका नाम और फ़ोटो दिखे, खाली कार्ड नहीं
  • लॉन्च के दिन से HTTPS (SSL), Google Search Console, और Business Profile व सोशल मीडिया के लिंक
  • पढ़ने लायक कंट्रास्ट, लेबल वाले फ़ॉर्म; चाहें तो हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों संस्करण

Google Analytics (GA4) माँगने पर सेट होता है। डोमेन और होस्टिंग आपके अपने नाम पर ख़रीदे जाते हैं; सेटअप हम आपके साथ करते हैं। आपका भेजा टेक्स्ट और फ़ोटो हम पेजों पर सजाते हैं और सादे बैनर बना देते हैं; लंबा कंटेंट लिखवाना हो तो उसका कोटेशन अलग बनता है।

8–10 दिन की प्रक्रिया, कदम दर कदम

गिनती पहली कॉल से नहीं, सारी जानकारी पूरी मिलने के दिन से शुरू होती है।

  1. बातचीत: WhatsApp या कॉल

    बिज़नेस क्या करता है, वेबसाइट किसके लिए है, कौन-से पेज चाहिए और कौन-सी दो-तीन वेबसाइटें आपको पसंद हैं। इसी बातचीत में डेमो लिंक भी आ जाते हैं।

  2. कोटेशन और 50% एडवांस

    लिखित कोटेशन WhatsApp पर। 50% एडवांस से प्रोजेक्ट पक्का होता है; बाकी रकम लॉन्च पर।

  3. आप सामग्री भेजते हैं

    लोगो, हर पेज का टेक्स्ट, फ़ोटो, सेवाओं या प्रोडक्ट की सूची, नक्शे की लोकेशन, सोशल लिंक। हमारी चेकलिस्ट पूरी होते ही 8–10 दिन शुरू।

  4. होम पेज का प्रीव्यू

    आपके ब्रांड रंगों में होम पेज, प्राइवेट लिंक पर। एक राउंड बदलाव, फिर बाकी पेज उसी डिज़ाइन पर।

  5. पूरी वेबसाइट, दो राउंड करेक्शन

    सारे पेज, फ़ॉर्म, नक्शा, स्ट्रक्चर्ड डेटा और चाहें तो हिंदी संस्करण। आप लिंक पर जाँचते हैं; दो राउंड करेक्शन शामिल।

  6. लॉन्च और हैंडओवर

    आपके डोमेन पर SSL के साथ लाइव, Search Console और Business Profile जुड़े हुए, और हैंडओवर नोट्स जो आगे किसी भी डेवलपर के काम आएँ।

आपके सेक्टर के हिसाब से

स्कूल और बिल्डर की वेबसाइट की प्राथमिकताएँ बिल्कुल अलग होती हैं। हर सेक्टर के पेज पर उसकी पूरी सूची है; दुकानों वाला पेज हिंदी में है, बाकी अभी अंग्रेज़ी में।

दुकान, शोरूम, बुटीक
दुकानों के लिए वेबसाइट (हिंदी में) — कैटलॉग, WhatsApp पर ऑर्डर, त्योहार कलेक्शन।
शिक्षा
स्कूल और कॉलेज — एडमिशन, नोटिस, रिज़ल्ट; कोचिंग संस्थान — बैच और डेमो क्लास।
स्वास्थ्य
अस्पताल और क्लिनिक — डॉक्टर, OPD समय, अपॉइंटमेंट; फ़ार्मा कंपनियाँ — प्रोडक्ट सूची, फ़्रैंचाइज़ी पूछताछ।
प्रॉपर्टी और डिज़ाइन
बिल्डर और ब्रोकर — प्रोजेक्ट, फ़्लोर प्लान; आर्किटेक्ट और इंटीरियर डिज़ाइनर — पोर्टफ़ोलियो साइट।
व्यापार और उद्योग
निर्माता — कैटलॉग, डीलरशिप पूछताछ; डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर — ब्रांड सूची, रिटेलर ऑर्डर।

वेबसाइट काफ़ी नहीं — ऐप कब चाहिए?

वेबसाइट ग्राहक को आप तक लाती है। उसके बाद का काम — ऑर्डर लिखना, फ़ीस का हिसाब, अपॉइंटमेंट याद दिलाना, स्टॉक गिनना — अक्सर रजिस्टर, एक्सेल और WhatsApp ग्रुप में बिखरा रहता है। जब रोज़ शाम का एक घंटा इन्हें मिलाने में जाने लगे, तो ज़रूरत ऐप की है।

ऐसे काम के लिए हम कस्टम ऐप बनाते हैं — ज़्यादातर वेब ऐप, जो ब्राउज़र में लॉगिन से खुलता है, और जहाँ ठीक बैठे वहाँ मोबाइल ऐप। पहले हर स्क्रीन का प्लान, फिर आपकी फ़ीडबैक, फिर कोडिंग और असली डेटा पर टेस्ट; सारी फ़ीडबैक मिलने के 15–20 दिन में ऐप तैयार। पूरी जानकारी: लखनऊ में कस्टम ऐप डेवलपमेंट।

लखनऊ में लोकल सर्च और हिंदी में खोज

लखनऊ में ग्राहक ज़्यादातर फ़ोन पर और इलाके के नाम के साथ खोजता है: “इंदिरा नगर में CBSE स्कूल”, “अलीगंज में दाँत का डॉक्टर”, “अमीनाबाद में लहंगे की दुकान”। बहुत से लोग यही बात हिंदी में टाइप करते हैं या बोलकर पूछते हैं। Google ऐसे सवाल का जवाब नक्शे वाले नतीजों और उन पेजों से देता है जिनमें इलाका, सेवा और असली विवरण साफ़ लिखे हों। फ़ुटर में एक बार “लखनऊ” लिख देना काफ़ी नहीं।

इसलिए हम वेबसाइट में वे इलाके नाम लेकर लिखते हैं जहाँ आप सेवा देते हैं, पता और समय स्ट्रक्चर्ड डेटा में डालते हैं, Google Business Profile से साइट जोड़ते हैं, और ज़रूरत हो तो पूरा हिंदी संस्करण बनाते हैं — सही भाषा टैग के साथ, ताकि हिंदी पेज हिंदी खोज में दिखें। जिनके ग्राहक बाराबंकी, सीतापुर या उन्नाव से भी आते हैं, उनके लिए हिंदी पेज और ज़रूरी हैं।

हमारा स्टूडियो सेक्टर 3, विकास नगर में है (सुबह 10 से शाम 6:30, शुक्रवार बंद); लखनऊ में कहीं भी आपके दफ़्तर या दुकान पर मीटिंग हो सकती है। बाहर का काम WhatsApp, कॉल और स्क्रीन-शेयर पर चलता है।

वेबसाइट, स्टेशनरी और गिफ्ट — एक ही स्टूडियो से

जो डिज़ाइन टीम आपके लेटरहेड और विज़िटिंग कार्ड, कॉर्पोरेट डायरी और कैटलॉग बनाती है, वही वेबसाइट के रंग, फ़ॉन्ट और लोगो तय करती है — इसलिए डीलर मीट की डायरी, दीवार का कैलेंडर और Google पर खुली वेबसाइट एक ही बिज़नेस की लगती हैं। मंज़ूरी का तरीका वही लिखित है जो प्रिंट में चलता है (हम कैसे काम करते हैं); स्टूडियो के बारे में: शुभम कुमार।

डेमो वेबसाइट और कोटेशन कैसे लें

फ़ैसले से पहले आप 5–6 डेमो वेबसाइटें अपने फ़ोन पर खोलकर देख सकते हैं। WhatsApp पर डेमो लिंक माँगिए और बताइए कि आपका बिज़नेस किस तरह का है, ताकि मिलती-जुलती डेमो पहले आएँ। वेबसाइट बनाना हमारी नई सेवा है, इसलिए हम क्लाइंट सूची नहीं, चलती हुई डेमो दिखाते हैं।

कोटेशन के लिए तीन बातें भेजिए: बिज़नेस और शहर; पेजों की मोटी सूची या पसंद की वेबसाइटें; और टेक्स्ट-फ़ोटो तैयार हैं या नहीं। कीमत पेजों की संख्या, सुविधाओं (कैटलॉग, बुकिंग, पेमेंट, हिंदी संस्करण) और सामग्री की तैयारी से तय होती है। पुरानी वेबसाइट हो तो उसका लिंक भी भेजें; रीडिज़ाइन में डोमेन वही रहता है।

वेबसाइट बनवाने से पहले पूछे जाने वाले सवाल

वेबसाइट बनने में कितने दिन लगते हैं?

लोगो, टेक्स्ट, फ़ोटो, सूचियाँ और संपर्क विवरण — सारी जानकारी मिलने के बाद 8–10 दिन। उससे पहले की बातचीत और सामग्री जुटाने का समय इस पर निर्भर है कि आपकी तरफ़ से चीज़ें कितनी जल्दी आती हैं।

क्या आप वर्डप्रेस या रेडीमेड टेम्पलेट इस्तेमाल करते हैं?

नहीं। हर वेबसाइट उसी बिज़नेस के लिए कस्टम कोड की जाती है। कोई थीम या प्लग-इन नहीं जिसे बार-बार अपडेट करना पड़े, और लॉन्च पर फ़ाइलें व एक्सेस आपको सौंप दिए जाते हैं।

वेबसाइट की कीमत कितनी होगी?

कोई तय रेट-लिस्ट नहीं है। अपना ब्रीफ़ WhatsApp पर भेजिए, लिखित कोटेशन वहीं आएगा; काम के घंटों में जवाब आम तौर पर उसी दिन। 50% एडवांस से काम शुरू होता है और बाकी लॉन्च पर।

डोमेन और होस्टिंग किसके नाम पर होंगे?

आपके नाम पर। दोनों आपके अपने अकाउंट से ख़रीदे जाते हैं; सेटअप हम साथ बैठकर करते हैं, ताकि वेबसाइट किसी एक डेवलपर पर निर्भर न रहे।

क्या पूरी वेबसाइट हिंदी में भी बन सकती है?

हाँ — सिर्फ़ हिंदी, सिर्फ़ अंग्रेज़ी या दोनों। हिंदी पेज साफ़ देवनागरी फ़ॉन्ट में बनते हैं, ताकि मात्राएँ टूटी हुई न दिखें और Google उन्हें हिंदी खोज में पहचाने।

मैं लखनऊ से बाहर हूँ, क्या फिर भी काम हो सकता है?

हाँ। बाहर के शहरों का पूरा काम WhatsApp, कॉल और स्क्रीन-शेयर पर उन्हीं कदमों से होता है। प्रीव्यू और करेक्शन प्राइवेट लिंक पर होते हैं, इसलिए आने-जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

In English

This is the Hindi page for website development in Lucknow. RX Design Hub's studio in Vikas Nagar builds custom-coded business websites, with no templates or page builders, and puts them live 8–10 days after the logo, text, photographs and lists reach us. Each site is mobile-first and includes on-page SEO, structured data, WhatsApp and call buttons, a map, an enquiry form and SSL; Hindi and English versions are available. Domain and hosting stay in the client's name. Five to six demo sites can be seen on WhatsApp, where quotes are also given. Custom apps take 15–20 days after feedback. English version: website development in Lucknow.

आगे पढ़ें: ऐप और सेक्टर पेज

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विकास नगर, लखनऊ 226022

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